जानिए गूगल के Ranking Factors कितने हैं? और 10X Traffic Increase करें!

अगर आप एक ब्लॉगर होंगे तो आपने SEO Ranking Factors In Hindi बारे में जरूर सुना होगा जो कि किसी भी ब्लॉग और वेबसाइट की रैंकिंग के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन जो नए ब्लॉगर होते हैं, उनको गूगल के Ranking Factors कितने हैं इसके बारे में पता नहीं होता है।

और अगर आप भी गूगल के Top Ranking Factors In Hindi या Google Search algorithm Factors के बारे में नहीं जानते हैं, तो परेशान न हों। आज आप इस पोस्ट के माध्यम से जान जाएंगे क्योंकि मैं इस पोस्ट में Google के कितने Ranking Factors हैं, सभी के बारे में विस्तार से बताया हूँ। अगर आप इन पोस्ट को अंत तक पढ़ लेते हैं तो वेबसाइट गूगल पर कैसे रैंक होती है इसके बारे जान जायेंगे तो चलिए अब इस पोस्ट को शुरू करते हैं और SEO Best Practices In Hindi के बारे में जानते हैं।

गूगल के Ranking Factors कितने हैं?

वैसे तो 200 Google Ranking Factores होते हैं लेकिन हम केवल जरूरी Google Ranking Factors List के बारे में जानेंगे क्योंकि इसको बिना समझे आप अपने ब्लॉग और वेबसाइट को जल्दी रैंक नहीं कर सकते हैं।

तो अगर आप अभी के समय 2025 में एक Successful Blogger बनाना चाहते हैं, तो आपको इन Factors के बारे में जरूर जानना चाहिए जिससे आप अपने ब्लॉग और वेबसाइट को गूगल में रैंक कर सकते हैं।  

1. SSL Certificate

सबसे पहले नंबर SSL Certificate होता है, इसका पूरा नाम Secure Socket Layer होता है जिससे आपका ब्लॉग और वेबसाइट Secure रहता है। जिस भी ब्लॉग और वेबसाइट में SSL Certificate Activate होता है।

उस ब्लॉग और वेबसाइट के URL से पहले Lock का Symbol होता है और उसका यूआरएल https से शुरू होता है। और जिस ब्लॉग और वेबसाइट पर SSL Certificate Activate नहीं होता है, उस ब्लॉग के यूआरएल से पहले लॉक का Symbol नहीं दिखता है और उसका यूआरएल भी http से शुरू होता है।  

जिस ब्लॉग और वेबसाइट पर SSL Certificate Activate नहीं होता है, उस ब्लॉग और वेबसाइट पर Search Engine और User दोनों का trust नहीं होता है, जिसके कारण वो ब्लॉग और वेबसाइट गूगल में रैंक नहीं करता है। तो अगर आप अपने ब्लॉग और वेबसाइट को गूगल में जल्दी से रैंक करना चाहते हैं।

तो आप अपने ब्लॉग और वेबसाइट में SSL Certificate जरूर Activate करें जिससे आपका ब्लॉग और वेबसाइट सिक्योर भी रहेगा और गूगल में रैंक भी करेगा। Hosting खरीदते समय बहुत सी Hosting Company SSL Certificate फ्री में देती हैं, जिसे आप बहुत आसानी से अपने ब्लॉग में Activate कर सकते हैं।  

2. User Experience  

गूगल के Ranking Factors में दूसरे नंबर पर आता है User Experience, यानी जो यूजर आपके ब्लॉग और वेबसाइट पर आ रहा है, उसका Experience कैसा है। वो आपके ब्लॉग पर कितना देर तक रुक रहा है, यूजर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ रहा है या नहीं। क्योंकि गूगल यूजर से Relative बहुत अच्छे Updates लाता रहता है ताकि यूजर को उसके सर्च के अनुसार अच्छा से अच्छा कंटेंट पढ़ सके।

तो अगर आप User के अनुसार, यानी की User Friendly कंटेंट नहीं लिखते हैं, तो यूजर आपके ब्लॉग और वेबसाइट पर ज्यादा समय तक नहीं रुकता है, जिससे आपके ब्लॉग का Bounce Rate बढ़ता है।  

और ब्लॉग और वेबसाइट का Bounce Rate बढ़ाना ब्लॉग और वेबसाइट के लिए हानिकारक होता है, जिससे आपके ब्लॉग की रैंकिंग डाउन हो सकती है। तो अगर आप अपने ब्लॉग को हमेशा टॉप पर रैंक करना चाहते हैं, तो आप User के Intent के अनुसार कंटेंट लिखें, जिससे कोई भी यूजर आपकी पोस्ट को पूरा पढ़ेगा और आपके ब्लॉग पर ज्यादा समय तक रुकेगा।

तो आपके ब्लॉग और वेबसाइट का Bounce Rate कम होगा, जिससे आपके ब्लॉग और वेबसाइट की Ranking बढ़ेगी। तो अगर आप गूगल के टॉप रैंकिंग फैक्टर्स की खोज कर रहे हैं, तो User Experience पर ध्यान जरूर दें।  

3. Content Quality  

ब्लॉग को टॉप पर रैंक करने के लिए आपको सबसे पहले अपने कंटेंट की क्वालिटी पर ध्यान देना होगा। क्योंकि नए ब्लॉगर अपने कंटेंट की quality पर ध्यान नहीं देते हैं और बहुत ज्यादा low Quality Content अपने ब्लॉग पर पोस्ट कर देते हैं, जिसके कारण उनका ब्लॉग रैंक नहीं करता है। तो इसलिए आप ऐसी गलती न करें।  

आप भले ही कम पोस्ट लिखें, लेकिन जो भी पोस्ट लिखें, उस पोस्ट की Quality अच्छी होनी चाहिए, यानी की जिस टॉपिक पर ज्यादा कंटेंट न लिखा गया हो, उस टॉपिक पर अपना कंटेंट लिखें। क्योंकि जिस टॉपिक पर ज्यादा कंटेंट गूगल के पास नहीं रहेगा और अगर आप उसी टॉपिक पर कंटेंट लिखते हैं।

तो गूगल उस कंटेंट को बहुत जल्दी ही Search में Rank करेगा। और ध्यान रहे कि आपको Updated Content लिखना है। जैसे मान लीजिए, अगर आप Blogging Niche पर अपना ब्लॉग बनाते हैं, तो अब Blogging की Field में पहले से बहूत ज्यादा बदलाव हो गया है।  

तो आप अपने ब्लॉग में आज के समय जिस प्रकार से Blogging Success मिल रही है, उस प्रकार से कंटेंट बनाएं, जिससे आपके ब्लॉग को Value मिलेगी और आपके ब्लॉग पर Low Value Content का Error नहीं आएगा।  

4. Backlinks  

अगर ऑफ पेज SEO Ranking Factors In Hindi की बात करें तो Backlinks बहुत जरूरी होता है, Backlinks के बिना तो आप अपने ब्लॉग को रैंक कर सकते हैं, लेकिन इस प्रकार से आपको अपने ब्लॉग को रैंक कराने में बहुत ज्यादा समय लग सकता है।  

तो अगर आप जल्दी ही अपने ब्लॉग को रैंक करना चाहते हैं और अपने ब्लॉग को पॉपुलर बनाना चाहते हैं, तो आप अपने ब्लॉग के लिए Backlinks जरूर बनाएं। लेकिन ध्यान रहे कि आपको High Quality Backlinks बनानी हैं।

अगर आप Low Quality Backlinks बनाते हैं, तो आपके ब्लॉग की Ranking डाउन भी हो सकती है और आपके ब्लॉग और वेबसाइट का Spam Score भी बढ़ सकता है। High Quality Backlinks बनाने के लिए आप अपने Niche से Related High DA और PA वाली वेबसाइट पर Backlinks बनाएं, जिससे आपके ब्लॉग की Ranking भी बढ़ेगी और आपके ब्लॉग का DA भी बढ़ेगा।  

बैकलिंक्स के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए आप मेरी इस पोस्ट बैकलिंक्स कैसे बनाएं को पढ़ सकते हैं।  

5. Relevancy  

अब आपको कंटेंट की Relevancy पर ध्यान देना है, मतलब आपको अपनी पोस्ट के Focus Keyword के अनुसार कंटेंट लिखना है। जैसे मान लीजिए, आप (SEO क्या होता है) इस कीवर्ड पर पोस्ट लिख रहे हैं, तो SEO से Related पूरी जानकारी देना है, जिससे यूजर SEO के बारे में सर्च कर रहा है, तो वो SEO के बारे में पूरी जानकारी ले सके।  

इससे यूजर को आपका कंटेंट अच्छा लगता है, तो यूजर आपके पोस्ट पर कोई अच्छा सा कमेंट करेगा, जिससे गूगल को लगेगा कि आपके ब्लॉग पर अच्छी पोस्ट लिखी जा रही है, जिससे गूगल आपके ब्लॉग को टॉप पर रैंक करेगा।

6. Domain Age  

Domain Age भी एक Ranking Factor होता है। क्योंकि जब कोई भी व्यक्ति अपना नया ब्लॉग बनाता है, तो गूगल को नए ब्लॉग पर ट्रस्ट नहीं होता है, जिसके कारण गूगल नए ब्लॉग को जल्दी रैंक नहीं करता है। लेकिन जब आपका ब्लॉग धीरे-धीरे पुराना होने लगेगा, तो गूगल आपके ब्लॉग पर ट्रस्ट करने लगेगा और आपके ब्लॉग की Ranking बढ़ने लगेगी।  

गूगल के Ranking फैक्टर के अनुसार किसी भी ब्लॉग की Domain Age तीन से पांच महीने तक होनी चाहिए। लेकिन अगर आपको Keyword रिसर्च करने आता है, तो आप बहुत कम समय में अपने ब्लॉग को टॉप पर रैंक कर सकते हैं। क्योंकि आजकल गूगल Domain Age पर नहीं, बल्कि कंटेंट पर ध्यान दे रहा है। अगर आपके ब्लॉग का कंटेंट अच्छा है, तो आप अपने ब्लॉग को टॉप पर रैंक कर सकते हैं।  

7. Website Loading Speed  

किसी भी ब्लॉग और वेबसाइट को रैंक करने के लिए Website की Loading Speed भी मायने रखती है। रिसर्च के अनुसार पता चला है कि अगर कोई भी ब्लॉग और वेबसाइट 5 seconds से ज्यादा समय में Load होती है, तो यूजर उस ब्लॉग को छोड़कर दूसरे ब्लॉग पर चला जाएगा, जिससे पहले वाले ब्लॉग का Bounce Rate बढ़ जाएगा।  

और उस ब्लॉग की रैंकिंग भी डाउन हो जाएगी। क्योंकि जितना महत्वपूर्ण आपके ब्लॉग का SEO करना होता है, उतना ही Important ब्लॉग और वेबसाइट की Loading Speed भी होती है। जितना Fast आपका ब्लॉग Open होगा, उतना ज्यादा आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक आएगा।  

8. Responsive  

गूगल के रैंकिंग फैक्टर में एक ये भी है कि आप अपने ब्लॉग और वेबसाइट को Responsive बनाएं। क्योंकि कुछ वेबसाइट ऐसी होती हैं जो कंप्यूटर में सही Open होती हैं, लेकिन Mobile में सही से Open नहीं होती हैं। और कुछ वेबसाइट मोबाइल में सही से ओपन होती हैं, तो कंप्यूटर में सही से ओपन नहीं होती हैं।  

तो ऐसे में आप अपने ब्लॉग और वेबसाइट को Responsive बनाएं, जिससे आपका ब्लॉग सभी Device में अच्छे से खुले। क्योंकि जब आपका ब्लॉग और वेबसाइट Responsive रहेगा, तो कोई भी यूजर किसी भी Device में आपका ब्लॉग सर्च करेगा, तो सभी Device में आपका ब्लॉग Open होगा।  

जिससे सभी डिवाइस से आपके ब्लॉग और वेबसाइट पर ट्रैफिक आएगा। तो इस प्रकार से आप अपने ब्लॉग पर बहुत सारा ट्रैफिक ला सकते हैं।  

9. Internal & External Links  

जब बात ऑन पेज SEO Factors In Hindi की आती है तो आप Enternal और External Link का नाम जरूर आता है, जो कि SEO और Ranking के लिए बहुत जरूरी होते हैं। आप जो भी पोस्ट अपने ब्लॉग और वेबसाइट पर लिखते हैं।

उसका SEO Improve करने के लिए आपको उस पोस्ट में External और Internal लिंक जरूर करें, जो कि Rank Math या बाकी के SEO Plugins भी Suggest करते हैं। इसको करने के बाद आपका ब्लॉग पोस्ट का SEO Score बढ़ता है और आपकी पोस्ट टॉप पर रैंक कराती है।  

10. Keyword Optimization  

अब Keyword Optimization की तरफ चलते हैं। किसी ब्लॉग पोस्ट को रैंक करने के लिए सबसे पहले आपको उसमें Keyword को बेहतर तरीके से Optimize करना पड़ेगा। अपने कंटेंट में आप Focus Keyword के साथ-साथ LSI Keyword को भी डालें।

जिससे उससे Related भी कोई Search करता है, तो भी पोस्ट रैंक करेगी। इस प्रकार से आप Focus Keyword के साथ-साथ उससे Related Keyword पर भी रैंक कर सकते हैं।  

11. Meta Description  

अब इसके बाद आप Meta Description को बेहतर तरीके से Optimize करें। क्योंकि SERP में आपको किसी भी पोस्ट का टाइटल और Meta Description दिखता है। तो अगर आप Meta Description को यूजर के Intent के अनुसार Optimize करते हैं, तो Rank करने का चांस बढ़ जाता है।  

12. URL  

ऊपर मैंने आपको बताया है कि SERP में आपके पोस्ट का यूआरएल दिखता है। इसलिए आपको अपनी पोस्ट के यूआरएल को भी Optimize करना है। इसके लिए आप ब्लॉग पोस्ट के यूआरएल में Focus Keyword को जरूर से Add करें, जिससे ब्लॉग पोस्ट का यूआरएल SEO Friendly होगा।  

FAQ – Top Google Ranking Factors In Hindi

Q1. रैंक करने के लिए Domain Age कितनी होनी चाहिए?

किसी भी ब्लॉग को रैंक करने के लिए उसकी Domain Age तीन से पांच महीने तक होनी चाहिए, जिसके बाद गूगल को आपके ब्लॉग पर ट्रस्ट होने लगता है और आपका ब्लॉग रैंक करता है।

Q2. गूगल के कितने रैंकिंग फैक्टर्स हैं?

वैसे तो गूगल के 200 से ज्यादा Ranking Factors हैं, लेकिन अभी तक इन सभी के बारे में गूगल पूर्ण रूप से नहीं बताया है। लेकिन गूगल के महत्वपूर्ण रैंकिंग फैक्टर्स हैं, जिसके बारे में मैंने इस पोस्ट में आपको बताया है।

निष्कर्ष – गूगल के Ranking Factors कितने हैं?

इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के बाद आपको गूगल के Ranking Factors कितने हैं, इसके बारे में तो पता चल गया होगा, जिसमें मैंने आपको गूगल के कुछ जरूरी रैंकिंग फैक्टर्स के बारे में भी बताया है, जो किसी ब्लॉग और वेबसाइट को रैंक करने के लिए बहुत जरूरी होते हैं और सभी ब्लॉगर को इसके बारे में पता भी होना चाहिए।  

अगर आपको लगता है कि इस पोस्ट में कुछ छूट गया है या इसमें कुछ सुधार करने की जरूरत है, तो कमेंट में जरूर बताएं। और अगर इस पोस्ट “Top Google Ranking Factors In Hindi” से आपको कुछ सीखने मिला है, तो आप इस पोस्ट को अपने सभी सोशल मीडिया साइट पर शेयर जरूर करें।

दोस्तों मेरा नाम बादल कुमार है, मैं दो साल से Blogging, SEO, WordPress पर आर्टिकल लिख रहा हूँ। इसलिए मुझे इन टॉपिक के बारे में अच्छी जानकारी हो गयी है और मैं अपने इस वेबसाइट पर उन्ही टॉपिक से रिलेटेड आर्टिकल लिखता हूँ।

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