On Page SEO क्या होता है? – और On Page SEO कैसे करें? – Updated जानकारी

On Page SEO कैसे करें? – अगर किसी ब्लॉग या वेबसाइट को गूगल या किसी भी सर्च इंजन के सर्च में सबसे ऊपर या टॉप रैंक की बात करें तो On Page SEO का नाम जरूर आता है। क्योंकि सर्च में अच्छी रैंक पाने के लिए On Page SEO बहुत जरूरी होता है। 

अगर आपको भी On Page SEO क्या होता है या On Page SEO कैसे करते हैं इसके बारे में नहीं पता है। जिसके कारण आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट को सर्च में टॉप रैंक नहीं दिला पा रहे हैं। तो चिंता न करें आज इस लेख के माध्यम से आप On Page SEO के बारे में पूरी जानकारी बहुत आसान भाषा में जानेंगे। 

यानी अगर आप इस लेख को पूरा पढ़ लेते हैं तो On Page SEO के बारे में आपको फिर कभी सर्च करने की जरूरत नहीं होगी। तो चलिए अब ज्यादा समय न लेते हुए इस लेख को शुरू करते हैं, और On Page SEO कैसे करें इसके बारे में जानते हैं। 

Table of Contents

On Page SEO क्या है?

On Page SEO वह तरीका है जिसमें आप अपनी Website या Blog के अंदर मौजूद Content, Title, Image और Structure को इस तरह सेट करते हैं कि Search Engine उसे आसानी से समझ सके और ऊपर दिखा सके। यह Beginners के लिए सबसे आसान SEO हिस्सा माना जाता है।

शुरुआती लोगों के लिए, On Page SEO का मतलब है अपनी पोस्ट को साफ, सही और उपयोगी बनाना, ताकि पढ़ने वाला भी खुश हो और Search Engine भी आपकी पोस्ट को अच्छा मानकर ऊपर जगह दे सके।

Experts की नज़र से देखें तो On Page SEO में Keyword Placement, Meta Tags, URL Structure, Internal Links, Page Speed और User Intent जैसी चीज़ें शामिल होती हैं, जो Ranking को सीधे प्रभावित करती हैं।

On Page SEO आपकी साइट के अंदर होने वाले काम हैं, जबकि Off Page SEO आपकी साइट के बाहर जैसे Backlinks से होता है। Technical SEO में साइट की Speed, Structure और Coding से जुड़े काम शामिल रहते हैं।

सीधी भाषा में कहें तो On Page SEO आपकी पोस्ट की Quality और Search Engine Understanding को मजबूत करता है, जिससे Ranking बढ़ने के Chance भी ज्यादा होते हैं।

On Page SEO क्यों जरूरी है?

On Page SEO जरूरी होता है क्योंकि यह Google को बताता है कि आपका content किस बारे में है। जब आपका page user की search intent को सही तरीके से पूरा करता है, तो Google उसे जल्दी ऊपर दिखाना शुरू करता है।

Google उन pages को ज्यादा महत्व देता है जिनमें साफ जानकारी, आसान भाषा और सही structure हो। अगर आपका page fast हो और mobile पर सही चले, तो user खुश रहता है और ranking भी तेज़ी से बढ़ती है।

On Page SEO EEAT को मजबूत बनाता है क्योंकि इससे Google को लगता है कि आपका content सही, भरोसेमंद और helpful है। सही headings, title और साफ layout आपकी quality को और बेहतर दिखाते हैं।

जब high-quality content, अच्छा UX और strong On Page SEO मिलकर काम करते हैं, तो user page पर ज्यादा समय बिताता है। इससे Google को positive signal मिलता है और आपका page बेहतर rank होने लगता है।

On Page SEO के मुख्य Ranking Factors

On Page SEO में आपकी Website को इस तरह तैयार किया जाता है कि Google उसे आसानी से समझ सके। इसमें Content, Page Experience, URL और Structure जैसी चीजें शामिल होती हैं जो Ranking को जल्दी सुधारती हैं।

  • Helpful Content लिखें जो User के सवाल का साफ जवाब दे।
  • Page Experience अच्छा रखें ताकि पेज जल्दी खुले और आसानी से चले।
  • Content Structure साफ हो, छोटे-छोटे सेक्शन और Headings का सही उपयोग करें।
  • Internal Linking से अपने पेजों को आपस में जोड़ें ताकि Google को Structure समझ आए।
  • URL Structure छोटा और साफ रखें ताकि पढ़ने में आसान हो।
  • Semantic SEO Signals से Google को बताएं कि आपका पेज किस बारे में है।
  • Schema Markup जोड़कर Search Engine को आपके Content की सही Detail दें।

जब ये सारे Factors ठीक रहते हैं, तो Google आपकी Website को भरोसेमंद मानकर ऊपर दिखाता है। इससे Traffic बढ़ता है, User खुश रहते हैं और आपकी Online Growth मजबूत होती है।

Keyword Research कैसे करें?

On Page SEO करने के लिए Keyword Research करना बहुत जरूरी है, इसलिए निचे हम आपको Keyword के बारे में कुछ जानकारी शेयर किये हैं।

1 – Primary Keyword

Primary Keyword वह शब्द होता है जो आपके पूरे Content का मुख्य विषय बताता है। इसे चुनते समय ध्यान रखें कि यह User की जरूरत से सीधे जुड़ा हो और Google को भी आपके पेज का उद्देश्य आसानी से समझ आए।

  • सबसे पहले अपने Topic को समझें और सोचें कि User उस विषय को खोजते समय कौन सा शब्द लिखेगा।
  • Google पर Topic टाइप करें और नीचे दिखने वाले सुझाए गए Keywords को देखें।
  • ऐसे Keywords चुनें जिन पर अच्छी खोज हो और जिनका मुकाबला कम हो ताकि Ranking आसान बने।
  • चुने हुए Keyword को पढ़कर देखें कि क्या वह आपके Content को सही तरीके से दर्शाता है या नहीं।

जब Primary Keyword सही चुना जाता है, तो Content Users के लिए अधिक उपयोगी बनता है और Google भी उसे जल्दी समझकर बेहतर Ranking देता है। इससे आपका Blog ज्यादा लोगों तक पहुँचता है और भरोसा भी बढ़ता है।

2 – Secondary Keywords

Secondary Keywords वे शब्द होते हैं जो मुख्य Keyword से जुड़े होते हैं। ये Google को बताते हैं कि आपका Content किस विषय पर है और User को पूरा जवाब देने में मदद करते हैं, जिससे Ranking बेहतर होती है।

  • Step 1: अपने मुख्य Keyword से जुड़े आसान शब्द सोचें जो User बोलचाल में इस्तेमाल करते हैं।
  • Step 2: इन शब्दों को Google Search में डालकर नीचे दिखने वाले Related Searches देखें।
  • Step 3: अपनी Topic से जुड़ी Queries नोट करें जो User अक्सर पूछते हैं।
  • Step 4: इन Keywords को अपने Content में स्वाभाविक तरीके से जोड़ें, ज़बरदस्ती भरें नहीं।
  • Step 5: Heading, Subheading और छोटे पैराग्राफ में Secondary Keywords का हल्का उपयोग करें ताकि Google को पूरा Context समझ आए।

जब Secondary Keywords सही जगह डाले जाते हैं, तो Content User के लिए अधिक उपयोगी बनता है। इससे Google आपके पेज को विश्वास से ऊपर दिखाता है, और Organic Traffic लगातार बढ़ता है।

3 – LSI / Semantic Keywords

LSI या Semantic Keywords वे जुड़े हुए शब्द होते हैं जो मुख्य Keyword के अर्थ को और साफ बनाते हैं। ये Google को बताते हैं कि आपका Content किस विषय को कवर कर रहा है, जिससे Ranking बेहतर होती है।

  • सबसे पहले मुख्य Keyword तय करें ताकि उसी विषय से जुड़े शब्द खोजे जा सकें।
  • अब Google Search में Keyword लिखकर नीचे दिखने वाले Related Searches देखें।
  • People Also Ask सेक्शन में दिख रहे सवाल नोट करें।
  • Competitor Blogs पढ़कर उनमें उपयोग किए गए जुड़े शब्द समझें।
  • इन सभी Semantic Keywords को Natural तरीके से Content में शामिल करें।

Semantic Keywords जोड़ने से आपका Content ज्यादा स्पष्ट और समझने योग्य बनता है। इससे Google को Topic का पूरा अर्थ मिलता है, Users को अच्छे जवाब मिलते हैं और आपकी SEO Performance भी मजबूत होती है।

4 – Competitor Keyword Gap कैसे निकालें?

पहले यह समझें कि Competitor Keyword Gap वह अंतर है जहाँ आपके Competitors कुछ Keywords से Traffic ले रहे होते हैं, लेकिन आप अभी उन्हें Target नहीं कर रहे। इस Gap को समझकर आप नए Keyword मौके पकड़ सकते हैं।

  • अपने मुख्य Competitors की सूची तैयार करें।
  • किसी SEO Tool में Competitor का URL डालकर उनके Keywords देखें।
  • उनकी Ranking वाले Keywords को अपने Keywords से मिलाएं।
  • जो Keywords उनके पास हैं और आपके पास नहीं, उन्हें अलग करें।
  • उन Keywords की कठिनाई और खोज संख्या जांचें।
  • आसान और जरूरी Keywords को अपने नए Content प्लान में जोड़ें।

जब यह Gap साफ हो जाता है, तब आपको पता चलता है कि कौन-कौन से Keywords जोड़कर आप भी अपने Competitors की तरह Search में आगे आ सकते हैं। इससे आपकी Visibility और Organic Traffic दोनों बढ़ते हैं।

5 – Search Intent Match कैसे समझें?

Search Intent समझने का मतलब है ये जानना कि User किसी Keyword को सर्च करते समय असल में क्या चाहता है। जब आप User की जरूरत को पहचानते हैं, तभी आपका Content Google में आसानी से Rank होता है।

  • सबसे पहले Keyword को पढ़कर सोचें कि User जानकारी चाहता है या कुछ खरीदना चाहता है।
  • Google में Keyword सर्च करें और Top Results को देखें कि वे किस तरह का Content दिखा रहे हैं।
  • Pages का Title और Heading देखकर समझें कि User का इरादा सीखने, तुलना करने या खरीदने में से क्या है।
  • Keyword के साथ दिख रहे Related Searches को पढ़ें ताकि User की असली जरूरत समझ आए।
  • User के सवाल का सीधा और साफ जवाब देने वाला Content तैयार करें जो उसकी मंशा से बिल्कुल मेल खाए।

जब आपका Content User की Search Intent से मेल खाता है, तो Google उसे Helpful मानकर ऊपर लाता है। इससे Readers को सही जानकारी मिलती है और आपकी Website की Ranking भी जल्दी बढ़ने लगती है।

Perfect SEO-Friendly Title कैसे बनाएं?

SEO-Friendly Title बनाना बहुत जरूरी है क्योंकि यही Google और Users को बताता है कि आपका पेज किस बारे में है। Title छोटा, साफ और मुख्य Keyword शामिल होना चाहिए ताकि आसानी से समझ में आए।

Title में Emotional और Power Words डालें। जैसे “Best”, “Easy”, “Amazing”, “Ultimate” आदि। ये शब्द Users को क्लिक करने के लिए प्रेरित करते हैं और आपके Click-Through Rate को बढ़ाते हैं।

Keyword को Title के शुरू या बीच में रखें। इससे Google को पता चलता है कि आपका Content उसी विषय से जुड़ा है और Search Results में ऊपर दिखने का मौका बढ़ता है।

Click-worthy Titles के Example देखें: “10 आसान तरीके घर बैठे पैसे कमाने के” या “Ultimate Guide: On Page SEO 2025 में कैसे करें।” ये Titles User को आकर्षित करते हैं।

Title बनाते समय ध्यान रखें कि ये Natural लगे और Overstuffed ना हो। Users और Google दोनों ही Short और Clear Titles पसंद करते हैं, जो तुरंत समझ में आए और पढ़ने में आसान हो।

SEO-Friendly URL कैसे बनाएं?

Website के URL को Short, Clean और Keyword Rich बनाना बहुत जरूरी है। ऐसा URL Google और Users दोनों आसानी से समझ सकें। URL में Extra Words या Symbols का इस्तेमाल न करें।

URL बनाने में Keyword का इस्तेमाल करें ताकि पेज का विषय साफ दिखे। हमेशा छोटे और सरल शब्दों का उपयोग करें। Example: www.example.com/seo-tips पढ़ने में आसान और याद रखने में भी आसान होता है।

गलत URL से बचें। Numbers, Special Characters या लंबे Sentence वाले URL से User Confuse हो सकता है और Google Ranking पर भी असर पड़ता है।

Hyphens का उपयोग करें, Spaces या Underscore से बचें। Hyphen से Google Keywords को अलग-अलग पहचानता है और URL Clean भी लगता है।

Clear और Relevant URL रखने से User को पता चल जाता है कि पेज किस बारे में है। SEO-Friendly URL से Organic Traffic बढ़ता है और Website ज्यादा Professional दिखती है।

High-Quality Content कैसे लिखें?

ब्लॉग या वेबसाइट का On Page SEO आप कितना भी अच्छा न कर लें जब तक आपका Content अच्छा नहीं होगा अच्छी रैंकिंग नहीं मिलेगी। तो अब थोड़ा High Quality Content कैसे लिखते हैं इसके बारे में जान लेते हैं।

1 – Expertise दिखाने के तरीके

High-Quality Content में Expertise दिखाने के लिए सबसे पहले अपने Subject को अच्छे से समझें। सही जानकारी और Facts का इस्तेमाल करें ताकि Readers को भरोसा हो कि आप जानकार हैं।

Content में Examples और Real-Life Situations जोड़ें। इससे Readers को समझने में आसानी होती है और आप अपने Topic में Expert दिखते हैं। Short और Clear Explanation हमेशा बेहतर रहती है।

References और Sources का इस्तेमाल करें। अगर आप किसी Statistics या Fact का जिक्र करते हैं तो Source दिखाने से Content Credible और Professional लगता है।

अपने अनुभव या Case Studies शेयर करें। इससे User को पता चलता है कि आपने Practical Knowledge हासिल किया है और आपके Content पर भरोसा बढ़ता है।

Language Simple और Natural रखें। Technical या कठिन शब्दों का इस्तेमाल कम करें ताकि 12 साल के बच्चे भी आसानी से Content समझ सकें और Expertise महसूस कर सकें।

2 – Experience दिखाने के तरीके

High-Quality Content में Experience दिखाना मतलब है कि आप अपने अनुभव या Practical Knowledge Readers के साथ शेयर करें। इससे आपका Content भरोसेमंद बनता है और Users पर अच्छा असर डालता है।

अपने Example या Case Study शामिल करें। जैसे आपने कोई Product इस्तेमाल किया या किसी Business में काम किया, इसका Short और Clear अनुभव Readers को बताएं। इससे Content ज्यादा Practical लगता है।

Tips और Learnings शेयर करें। जो Steps आपने Follow किए और जिन गलतियों से बचा, उन्हें Readers को बताना Experience दिखाने का आसान तरीका है। इससे आपका Content Helpful बनता है।

Apne Results या Proof दिखाएं। जैसे Numbers, Achievements या Feedback, इसे जोड़ने से Content Genuine लगेगा। Readers आसानी से समझेंगे कि आप वास्तव में जानकार हैं।

Storytelling का Use करें। अपने अनुभव को छोटी कहानी की तरह बताएं। इससे Readers Engage होते हैं और High-Quality Content ज्यादा असरदार और यादगार बनता है।

3 – Authority कैसे बढ़ेगी

High-Quality Content लिखने से आपकी Website या Blog पर User का भरोसा बढ़ता है। जब Content साफ, सही और आसान भाषा में होता है, तो लोग उसे भरोसेमंद मानते हैं और बार-बार Visit करते हैं।

Content में Reliable Sources और Examples शामिल करें। इससे Google और Readers दोनों को लगेगा कि आपका Content Genuine है। Authority बढ़ाने के लिए Facts और Statistics का इस्तेमाल करना बहुत मददगार होता है।

Regular और Consistent Content डालें। जब आपके Blog या Website पर लगातार Useful और Informative Content आता है, तो Search Engines आपको Expert मानते हैं और Ranking में फायदा होता है।

User Engagement बढ़ाएं। Comments, Questions और Feedback को Encourage करें। जब Visitors आपकी Website पर Active रहते हैं, तो यह भी आपकी Authority बढ़ाने में मदद करता है।

Backlinks का ध्यान रखें। High-Quality Content दूसरों के लिए Reference बनता है। जब दूसरी Websites आपके Content को Link करती हैं, तो आपकी Website की Authority और Google में Reputation मजबूत होती है।

4 – Trust Signals जोड़ने का तरीका

High-Quality Content में Trust Signals जोड़ना बहुत जरूरी है। ये Signals Google और Users दोनों को दिखाते हैं कि आपका Content भरोसेमंद है। Authoritative Sources और Accurate Data का उपयोग करें।

Content में Facts और Statistics शामिल करें। Reliable Websites या Studies का Reference दें। इससे Users को लगता है कि जानकारी सही है और आपकी Website Professional और भरोसेमंद दिखाई देती है।

Testimonials, Reviews और Case Studies का इस्तेमाल करें। ये Signals User को विश्वास दिलाते हैं कि आपका Business या Content सच में Helpful है और आपके Experience पर भरोसा किया जा सकता है।

Author Bio और Contact Details जोड़ें। जब Users और Google देखेंगे कि Content किसी Expert द्वारा लिखा गया है, तो Trust बढ़ता है और Search Ranking में भी फायदा होता है।

Clear और Honest Writing रखें। Misleading Information या Clickbait से बचें। सच्चाई पर आधारित Content हमेशा Users और Google दोनों के लिए भरोसेमंद रहता है।

5 – Paragraph Structure (Short + Scannable + Semantic)

High-Quality Content लिखते समय Paragraph Structure बहुत जरूरी है। छोटे पैराग्राफ पढ़ने में आसान होते हैं और Users जल्दी समझ पाते हैं कि पेज में क्या जानकारी दी गई है।

हर Paragraph में एक मुख्य Idea रखें। शुरुआत में Topic Sentence डालें और आगे Details दें। Short Paragraphs Users को स्कैन करने में मदद करते हैं और Page Experience बेहतर बनाते हैं।

Semantic Keywords का इस्तेमाल करें ताकि Google समझ सके कि Content किस बारे में है। Related Words और Synonyms डालकर Content को Natural और Informative बनाएं।

Bullet Points या Numbered List का उपयोग करके Complex जानकारी को आसान बनाएं। यह Users को Content स्कैन करने और Important Points जल्दी समझने में मदद करता है।

Paragraph Structure सही होने से Content User-Friendly और SEO-Friendly बनता है। इससे Page Ranking बेहतर होती है और Visitors लंबे समय तक पेज पर रहते हैं।

Keyword Placement का सही तरीका (Keyword Stuffing से बचे)

Keyword Placement का मतलब है अपने Target Keyword को Content में सही जगह पर रखना ताकि Google समझ सके। लेकिन Keyword को ज्यादा बार डालना (Keyword Stuffing) Ranking को नुकसान पहुंचा सकता है।

  • Title में Primary Keyword शामिल करें।
  • Meta Description में Natural तरीके से Keyword डालें।
  • Content की First 100 Words में Keyword का प्रयोग करें।
  • Subheadings में Strategic तरीके से Keyword रखें।
  • Images के Alt Tags में Keyword जोड़ें।
  • Conclusion से पहले Keyword को Natural तरीके से डालें।

Keyword को सही जगह पर रखने से Content Google Friendly बनता है। Readers को पढ़ने में आसानी होती है और Ranking बेहतर होती है। हमेशा Natural तरीके से Keyword का उपयोग करें।

Heading Structure (H1, H2, H3) कैसे बनाएं?

Heading Structure सही बनाने का मतलब है पेज के Content को साफ और आसान बनाना। H1, H2, H3 सही तरीके से इस्तेमाल करने से Google जल्दी समझता है कि पेज किस विषय पर है और क्या महत्वपूर्ण है।

  • H1 में Page का मुख्य Topic साफ और छोटा होना चाहिए।
  • H2 में Sub Topics लिखें जो H1 से सीधे जुड़े हों।
  • H3 का Use H2 के अंदर छोटे-छोटे Points समझाने के लिए करें।
  • Headings Semantic तरीके से रखें ताकि Google NLP आसानी से पढ़ सके।
  • Keywords Overload न करें, Natural और User Friendly रखें।
  • Structure से Content Organized लगे और पढ़ने में आसान हो।

सही Heading Structure रखने से Users और Google दोनों को पेज समझना आसान होता है। इससे Ranking में सुधार आता है और Visitors को Content जल्दी समझ आता है, जिससे Website का Trust और Traffic बढ़ता है।

Internal Linking Strategy

Internal Linking Strategy का मतलब है Website के पेजों को आपस में जोड़ना। इससे Google आपके पेज की Structure आसानी से समझता है और Visitors भी आसानी से Related Content तक पहुँच पाते हैं।

Topic clusters बनाकर पेजों को Group करें। एक Main Topic के चारों तरफ Related Articles जोड़ें। इससे Users को Complete जानकारी मिलती है और Google को भी पेज का महत्व समझ में आता है।

Pillar pages और Supporting pages अलग करें। Pillar page Main Topic को Cover करता है और Supporting pages Detail में जानकारी देते हैं। Internal Linking से दोनों को जोड़कर Authority बढ़ाई जा सकती है।

Anchor text का सही Use करें। Link डालते समय शब्दों को Natural और Relevant रखें। यह Google को बताता है कि Link किस Topic से Related है और User को भी समझ में आता है।

Orphan pages को Fix करना जरूरी है। जो पेज किसी Link से Connected नहीं हैं, उन्हें Topic clusters में जोड़ें। इससे हर पेज Crawl होता है और Ranking Improve होती है।

Internal Linking सही तरीके से करने से Website का SEO Strong होता है, User Experience अच्छा रहता है और Google में Pages जल्दी Rank होने लगते हैं।

External Linking (Authority Signals Improving)

External Linking मतलब आपकी Website से दूसरे भरोसेमंद Websites को Link करना। यह Google को बताता है कि आपका Content सही और Trusted है। सही External Links से आपकी Website की Authority बढ़ती है।

आपको हमेशा High Authority Websites को Link करना चाहिए। जैसे सरकारी Websites, Educational Sites या Popular Blogs। ये Links Google को संकेत देते हैं कि आपका Content भरोसेमंद है और SEO में मदद करता है।

Dofollow Links वो होते हैं जो Authority सीधे आपकी Website को पास करते हैं। Nofollow Links केवल Reference के लिए होते हैं और Authority पास नहीं करते। दोनों का सही संतुलन रखना जरूरी है।

EEAT बढ़ाने के लिए Industry Experts, Research Papers या Authoritative News Sites को Link करें। इससे Google समझता है कि आपका Content Accurate और Reliable है।

External Linking से Users को Extra Information मिलती है और उनकी Experience अच्छी होती है। जब Visitors संतुष्ट होते हैं, तो Bounce Rate कम होता है और SEO बेहतर होता है।

सही तरीके से External Links जोड़ने से Google में Trust बढ़ता है। Authority Signals मजबूत होते हैं और आपकी Website धीरे-धीरे Search Results में ऊपर Rank करने लगती है।

Image Optimization (Without hurting crawl budget)

इमेज Optimization का मतलब है Website की Images को इस तरह तैयार करना कि पेज जल्दी खुले और Google आसानी से उन्हें पढ़ सके। सही Optimization से Crawl Budget भी बचता है और Ranking में मदद मिलती है।

  • File name में Image का सही नाम और Keyword रखें।
  • WebP format का इस्तेमाल करें ताकि Image कम जगह ले और जल्दी लोड हो।
  • Alt text में Image का साफ और SEO-friendly विवरण लिखें।
  • Image Compression से File size छोटा करें, Quality खराब न हो।
  • Lazy Load तकनीक से पेज पर Images तभी लोड हों जब User Scroll करे।

सही Image Optimization से पेज तेजी से खुलेगा, Users खुश रहेंगे और Google आपकी Website को जल्दी Crawl करके Ranking बढ़ाएगा।

Page Experience Optimization (Core Web Vitals 2025 Update)

On Page SEO बेहतर करने के लिए Page Experience Optimization करना बहुत जरूरी है, तो इसके लिए निचे आप इन स्टेप को देख सकते हैं।

1 – LCP improve करने के तरीके

LCP (Largest Contentful Paint) Page की Loading Speed और User Experience के लिए जरूरी है। इसे सुधारने से Page जल्दी खुलता है और Google Ranking में मदद मिलती है।

  • Image Optimization: Heavy Images Page Slow करती हैं। Size कम करें और WebP जैसे Modern Formats इस्तेमाल करें।
  • Server Response Time: Slow Server Page Load Delay करता है। Better Hosting चुनें और Caching Enable करें।
  • Render-Blocking Scripts और CSS: Extra JavaScript और CSS Delay Create करते हैं। इन्हें Minify और Optimize करें।
  • Lazy Loading & Preload: Important Content और Images को पहले Load करें ताकि Page जल्दी दिखे।
  • Reduce Third-Party Scripts: Extra Ads और Plugins Delay बढ़ाते हैं। सिर्फ जरूरी Scripts रखें।

इन Steps को Follow करने से आपका LCP जल्दी Improve होगा, Users खुश रहेंगे और आपकी Website Google में बेहतर Rank करेगी।

2 – CLS improve करने के तरीके

CLS यानी Cumulative Layout Shift पेज लोड होते समय Unexpected Layout Changes को मापता है। इसे सुधारना जरूरी है ताकि User को Reading और Browsing में परेशानी न हो और Page Experience बेहतर बने।

  • Images और Videos के लिए Size Attribute लगाएं ताकि Browser Space पहले से Allocate करे।
  • Fonts Load करते समय FOUT या FOIT को रोकें ताकि Text Shift न हो।
  • Ads और Pop-ups को Page के Stable Position पर रखें।
  • Dynamically Loaded Content के लिए Placeholder या Reserved Space का उपयोग करें।
  • Animations और Transitions को Smooth बनाएं ताकि Elements अचानक न बदलें।

CLS सुधारने से User का Experience बेहतर होता है और Google Page Experience Score बढ़ाता है। Stable Layout वाले पेज जल्दी Rank होते हैं और Visitors लंबे समय तक Website पर रहते हैं।

3 – INP improve करने के तरीके

INP (Interaction to Next Paint) Page Experience का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे बेहतर बनाने का मतलब है कि Users जब पेज पर क्लिक करें, तो पेज जल्दी और Smooth Response दे ताकि अनुभव अच्छा रहे।

  • Heavy JavaScript और CSS को Optimize करें ताकि पेज जल्दी Load हो।
  • Images को Compressed और Proper Size में रखें ताकि पेज तेजी से खुले।
  • Buttons और Links जल्दी Response देने वाले बनाएं।
  • Lazy Loading का इस्तेमाल करें ताकि Content Step by Step Load हो।
  • Third-Party Scripts कम से कम उपयोग करें क्योंकि ये पेज धीमा कर सकते हैं।

INP Improve करने से Users का अनुभव बेहतर होता है और Google आपकी Website को भरोसेमंद मानता है। Page जल्दी Load होने पर Bounce Rate कम होता है और Ranking भी सुधरती है।

4 – Mobile-friendly design

Mobile-friendly design का मतलब है आपकी Website हर तरह के Mobile Device पर आसानी से खुले और सही दिखे। आज ज्यादातर Users Mobile से ही वेबसाइट देखते हैं, इसलिए Responsive Design बहुत जरूरी है।

  • Page का Layout Mobile Screen पर सही और पढ़ने में आसान होना चाहिए।
  • Buttons और Links छोटे Devices पर भी आसानी से क्लिक होने चाहिए।
  • Images और Videos Mobile में सही तरीके से Load हों।
  • Text का Font Mobile Screen पर बड़ा और Clear होना चाहिए।
  • Fast Loading रखें, ताकि Users पेज छोड़कर न जाएं।

Mobile-friendly design से User Experience बेहतर होता है और Google इसे Ranking Factor मानता है। Responsive पेज से Traffic बढ़ता है और Visitors आपकी Website पर ज्यादा समय बिताते हैं।

Schema Markup कैसे जोड़ें?

Schema Markup Website में छोटे-छोटे Code होते हैं जो Search Engine को बताते हैं कि आपका पेज किस बारे में है। सही Schema जोड़ने से Google आपकी Website को आसानी से समझता और Rank करता है।

  • Article Schema: आपके Blog या Article के बारे में जानकारी देता है।
  • FAQ Schema: Frequently Asked Questions को Search Results में दिखाने में मदद करता है।
  • Breadcrumb Schema: पेज का Path दिखाकर Navigation आसान बनाता है।
  • Author Schema: Content के लेखक की जानकारी दिखाता है।
  • Review Schema: अगर कोई Product या Service Review है, तो Rating और Review दिखाता है।

Schema सही तरीके से जोड़ने से आपकी Website Google में Trusted और Helpful दिखती है। इससे Ranking बेहतर होती है और Visitors को सही जानकारी जल्दी मिलती है।

Meta Description कैसे लिखें?

Meta Description एक छोटा Text होता है जो Search Results में आपके Page के नीचे दिखाई देता है। इसे सही और आकर्षक लिखना जरूरी है ताकि Users पेज पर क्लिक करें और Traffic बढ़े।

  • Ideal Length: 150–160 words से अधिक न हो, छोटा और साफ रखें।
  • Keyword शामिल करें ताकि Google और User दोनों समझ सकें कि Page किस बारे में है।
  • Emotion जोड़ें ताकि पढ़कर User को Interest और Excitement महसूस हो।
  • CTA (Call to Action) डालें जैसे “अभी पढ़ें” या “जानें कैसे”।
  • CTR बढ़ाने वाले Examples देखें और अपने Meta Description को आकर्षक बनाएं।

Meta Description सही लिखने से Users आपके Page पर जल्दी क्लिक करते हैं। यह Page की Ranking को भी मदद करता है और Website पर आने वाला Traffic लगातार बढ़ता है।

Content Freshness + Updating Strategy

Content Freshness का मतलब है कि आपकी Website पर मौजूद जानकारी हमेशा ताज़ा और सही हो। Google पुराने और outdated content को कम महत्व देता है, इसलिए Regular Updates बहुत जरूरी हैं।

Outdated content अक्सर ऐसी जानकारी होती है जो अब सही नहीं रहती। जैसे पुराने statistics, पुरानी URLs या किसी बदलते नियम की जानकारी। ऐसे content को Update करना SEO के लिए फायदेमंद होता है।

Google Freshness को कई Signals से समझता है। Page के Update होने की Date, Content में नए facts, Images या References डालना और Internal Linking सुधारना इससे Ranking में मदद करता है।

Update Strategy में पहले Identify करें कौन सा content पुराना या कम Useful है। उसके बाद उसे Recent information और नए examples के साथ Update करें ताकि User को सही जानकारी मिले।

Regular Updates से User Experience भी बेहतर होता है। Visitors को भरोसा होता है कि आपकी Website सही और ताज़ा जानकारी देती है, जिससे Bounce Rate कम होता है और Ranking बढ़ती है।

एक Simple तरीका है कि आप पुराने Posts को हर 3–6 महीने में Review करें। Keywords, Facts और Links को Update करके Content को हमेशा Relevant और SEO Friendly बनाए रखें।

On Page SEO में Common Mistakes (Avoid करने योग्य 15 बड़ी गलतियाँ)

बहुत सारे Beginners On Page SEO करते समय गलतियाँ कर देते हैं। ये छोटी-छोटी गलतियाँ आपके पेज की Ranking खराब कर सकती हैं। सही तरीका अपनाना और इन गलतियों से बचना जरूरी है।

  • Keyword stuffing से बचें, Natural Language में लिखें।
  • Duplicate H1 का उपयोग न करें, हर पेज का H1 Unique होना चाहिए।
  • Thin content से बचें, Content हमेशा पूरा और Helpful होना चाहिए।
  • Over optimization से बचें, Excessive Keywords या Links न डालें।
  • Missing schema, Search Engine को सही Structure दिखाने के लिए Schema जरूर डालें।
  • Zero internal links, पेजों को आपस में जोड़ें ताकि Google Structure समझ सके।
  • Wrong search intent, User की जरूरत के अनुसार Content बनाएं।
  • Broken links, सभी Links सही और काम करने वाले होने चाहिए।
  • Slow Page Speed, पेज जल्दी Load होना चाहिए।
  • Ignoring Mobile Optimization, Mobile-Friendly Design जरूरी है।
  • Ignoring Images SEO, Images में Alt Text जरूर डालें।
  • Ignoring Meta Description, हर पेज का Meta Description सही और आकर्षक होना चाहिए।
  • Missing Title Tags, हर पेज का Title Unique और Relevant होना चाहिए।
  • Ignoring URL Structure, URL छोटा और समझने में आसान रखें।
  • Duplicate Content, कहीं और से Copy न करें, Original Content लिखें।

इन Mistakes से बचकर आप अपने पेज की Ranking सुधार सकते हैं। सही On Page SEO करने से Google आपकी Website को भरोसेमंद मानता है और Traffic और User Engagement दोनों बढ़ते हैं।

On Page SEO Tools (Free + Paid)

On Page SEO Tools आपकी Website को बेहतर बनाने और Ranking सुधारने में मदद करते हैं। ये Tools Content, Keywords, Page Speed और Technical Errors को पहचानकर सुधारने का आसान तरीका देते हैं।

  • Google Search Console – Free Tool जो आपकी Website की Performance और Errors दिखाता है।
  • RankMath / Yoast – SEO Friendly Content बनाने और Keywords optimize करने के लिए उपयोगी Plugins।
  • Ahrefs / SEMrush – Paid Tools जो Keyword Research, Competition और Backlinks का पूरा Analysis देते हैं।
  • Screaming Frog – Site Crawl करके Broken Links और Technical Issues ढूंढने में मदद करता है।
  • SurferSEO / NeuronWriter – Content Optimization Tools जो Google Ranking के हिसाब से सुझाव देते हैं।
  • PageSpeed Insights – Website की Loading Speed और User Experience सुधारने के लिए Free Tool।

इन Tools की मदद से आप On Page SEO आसानी से सुधार सकते हैं। इससे आपकी Website Google में जल्दी Rank करेगी और Visitors को बेहतर अनुभव मिलेगा।

On Page SEO का Proven Workflow (2025 Edition)

On Page SEO का Workflow एक Step-by-Step Process है जो आपकी Website को Google में जल्दी Rank करने में मदद करता है। सही तरीके से यह Workflow अपनाने से Content और Page दोनों Strong बनते हैं।

  • Keyword Research: सही Keywords चुनें जो User के सवाल से मेल खाते हों।
  • Competitor Analysis: Top Competitors के Content और Structure को समझें।
  • Content Outline → Semantic SEO: Content का ढांचा बनाएं और Semantic Keywords शामिल करें।
  • SEO Title & URL: Title और URL छोटा, स्पष्ट और Keyword आधारित रखें।
  • Content Writing: Helpful और Easy-to-Read Content तैयार करें।
  • Internal Linking Setup: पेजों को आपस में जोड़कर Structure मजबूत करें।
  • Schema Markup: Search Engine को Content की सही जानकारी दें।
  • Page Experience Optimization: पेज जल्दी खुले और Mobile-Friendly हो।
  • Final SEO Audit Checklist: सभी Steps चेक करके Errors सुधारें।

इस Workflow को फॉलो करने से आपकी Website Google में जल्दी Rank करेगी, Visitors को सही जानकारी मिलेगी और Online Growth लगातार बढ़ती रहेगी।

इन्हे भी पढ़ें –

Video:- On Page SEO Guide

On Page SEO और Off Page SEO में क्या अंतर है?

तो चलिए अब On Page SEO और Off Page SEO में क्या अंतर है, इसके बारे में जानते हैं। अपने ब्लॉग को रैंक करने के लिए ब्लॉग के अंदर जैसे टाइटल, URL, मेटा टैग आदि में जो Optimization किया जाता है, उसे On Page SEO कहते हैं। और ब्लॉग को रैंक करने के लिए ब्लॉग से बाहर जैसे Backlinks, Guest Posting आदि को Off Page कहा जाता है। 

अपने ब्लॉग और वेबसाइट को रैंक करने के लिए उसका On Page और Off Page दोनों SEO करना बहुत जरूरी होता है। अगर चाहें, तो बिना Off Page SEO किए अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक ला सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको बहुत समय देना होगा। तब जाकर आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक आएगा। लेकिन अगर आप Off Page SEO करते हैं, तो बहुत कम समय में ही अपने ब्लॉग को रैंक कर सकते हैं। 

FAQs – On Page SEO कैसे करें?

Q1. On Page SEO कितने प्रकार के होते हैं?

On Page SEO के Keyword Research, URL, Meta Tag आदि बहुत से भाग होते हैं, जिन्हें Optimize करना होता है, जिसके बाद आप बहुत आसानी से अपने ब्लॉग को रैंक कर सकते हैं। 

Q2. SEO से रिजल्ट देखने में कितना समय लगता है?

अपने ब्लॉग या वेबसाइट का SEO करने के बाद आपके ब्लॉग को रैंक करने में दो से तीन महीने लग सकते हैं। 

निष्कर्ष – On Page SEO कैसे करें?

तो दोस्तों आपको मेरा यह लेख कैसा लगा इसमें हम आपको On Page SEO के बारे में सम्पूर्ण जानकारी बेहद आसान भाषा में जाने हैं। उम्मीद अब आप On Page SEO करना सिख गए होंगे और आपको दुबारा On Page SEO के बारे कहीं और सर्च करने की जरूरत नहीं होगी। 

अगर आपको अभी भी कुछ पूछना हो तो कमेंट में पूछ सकते हैं, हम आपके कमेंट का जवाब जल्दी ही देने की कोशिश करेंगे। और अगर आपको मेरा यह लेख On Page SEO कैसे करें पसंद आया हो तो इसको आप अपने सभी दोस्तों को शेयर जरूर करें।

दोस्तों मेरा नाम बादल कुमार है, मैं दो साल से Blogging, SEO, WordPress पर आर्टिकल लिख रहा हूँ। इसलिए मुझे इन टॉपिक के बारे में अच्छी जानकारी हो गयी है और मैं अपने इस वेबसाइट पर उन्ही टॉपिक से रिलेटेड आर्टिकल लिखता हूँ।

Leave a Comment